तेरे भुज दण्ड प्रचंड त्रिलोक में रखियो लाज मरियाद मेरी ओम् ऐं ह्रीं हनुमते रामदुते लंकविधवंसने अंजनी गर्भ सम्भुतय शकिनि डाकिनी विध्वंसनाय किलकिली बुबुकरेन विभीषण हनुमददेवय ओम ह्रीं ह्रीं हं फट् स्वाहा बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥ Encourages Prosperity and https://victorydirectory.com/listings773783/the-best-side-of-hanuman-chalisa